क्या आप एक ही मटेरियल बिल के दो बार पैसे दे रहे हैं? यहाँ है समाधान
वेंडर को दो बार पेमेंट करने से कंस्ट्रक्शन का प्रॉफिट खत्म होता है। जानिए मटेरियल बिल का सही हिसाब (Amount Owed) कैसे रखें।
आप एक लोकल वेंडर (vendor) से सीमेंट मंगवाते हैं। माल साइट पर पहुँचता है, और आपका इंजीनियर आपको WhatsApp पर चालान की फोटो भेजता है। दो हफ्ते बाद, वही वेंडर आपके ऑफिस में असली बिल (paper bill) दे जाता है। क्योंकि आपका सारा हिसाब कागज़ पर है, आप गलती से एक ही बिल का दो बार पेमेंट कर देते हैं।
वेंडर लेजर (Ledger) की उलझन
यह कंस्ट्रक्शन ठेकेदारों (contractors) और इंटीरियर डिज़ाइनर्स के लिए एक आम सिरदर्द है। आप अलग-अलग साइट्स के लिए कई वेंडर्स से माल, जैसे रेत, सीमेंट, प्लाईवुड, पाइप आदि खरीदते हैं। डायरी या Excel में इन पेमेंट्स को ट्रैक करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
जब कोई वेंडर फोन करके कहता है कि आपके ₹50,000 बाकी हैं, तो आप परेशान हो जाते हैं। आप अपना बैंक स्टेटमेंट चेक करते हैं, पुरानी डायरी पलटते हैं, और पुराने चालान की फोटो खोजने के लिए WhatsApp छान मारते हैं। जब तक आपको सही बकाया राशि (Amount Owed) का पता चलता है, तब तक आपके कई घंटे बर्बाद हो चुके होते हैं।
डबल पेमेंट (Duplicate Payment) क्यों होता है?
- बिखरा हुआ हिसाब: आपके आधे बिल WhatsApp पर होते हैं, और बाकी आधे आपके ऑफिस की टेबल पर पड़े होते हैं।
- GST का चक्कर: कभी-कभी वेंडर GST के लिए बिल बढ़ाकर देते हैं। अगर आप तुरंत सही रकम नहीं लिखते, तो आप बाद में ज़्यादा पैसे दे देते हैं।
- साइट के हिसाब से ट्रैकिंग न होना: आपको पता होता है कि आपने वेंडर को 1 लाख रुपये दिए हैं, लेकिन यह नहीं पता होता कि किस साइट के लिए दिए हैं।
वेंडर्स को ज़्यादा पैसे देने से कैसे रोकें?
आपको एक ऐसे डिजिटल वेंडर लेजर (ledger) की ज़रूरत है जो हमेशा आपकी जेब में रहे। जैसे ही कोई बिल आए, उसे तुरंत रिकॉर्ड किया जाना चाहिए। जैसे ही आप कोई पेमेंट करें, आपका बकाया बैलेंस (Amount Owed) अपने आप अपडेट हो जाना चाहिए।
जानिए आपको कितने पैसे देने हैं
मटेरियल सप्लायर से बहस करना और डबल बिल भरना बंद करें। Construct Daily के साथ, आप वेंडर के बिल डिजिटल तरीके से ऐड कर सकते हैं और अपनी सभी साइट्स का सही बकाया (Amount Owed) तुरंत जान सकते हैं।